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राजकोट में रेलवे द्वारा युद्ध स्तर पर किया जा रहा है आम्रपाली फाटक पर अंडर ब्रिज का निर्माण

राजकोट में रेलवे द्वारा युद्ध स्तर पर किया जा रहा है आम्रपाली फाटक पर अंडर ब्रिज का निर्माण

 

राजकोट मंडल द्वारा लॉकडाउन को एक अवसर के रूप में लेते हुए राजकोट स्थित आम्रपाली फाटक नं 6 पर अंडर ब्रिज के निर्माण संबंधी कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के लिए भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। आम दिनों में इन कार्यों को पूरा करने के लिए रेल यातायात को रोकना पड़ता जिससे यात्रियों को काफी समस्या होती थी।

लॉकडाउन के पहले से इस अंडर ब्रिज का कार्य चल रहा था और दो मुख्य बॉक्स तथा नौ पेड़ेस्ट्रियन बॉक्स बनाए जा चुके थे किन्तु कोविड-19 के चलते पहले लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य को रोक दिया गया था। आम जनता की सुविधा की दृष्टि से यह काम बहुत ही महत्त्वपूर्ण है इसलिए इस कार्य को पुनः शुरू करने के लिए रेल प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन के साथ कई दौर की मीटिंग की गयी। कलेक्टर ऑफिस तथा रेलवे के इंजीन्यरिंग विभाग के अधिकारियों द्वारा साइट का जाइंट निरीक्षण किया गया। अंततः राजकोट कलेक्टर के द्वारा कोविड-19 से बचने के लिए जरूरी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी गयी। रेल प्रशासन द्वारा पुलिस कमिश्नर राजकोट, कलेक्टर जामनगर तथा एस पी जामनगर से संपर्क करके जरूरी मशीनों एवं मजदूरों को जामनगर से राजकोट लाने की व्यवस्था की गयी।

कोविड-19 से बचने के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए कॉनट्रेक्टर M/s मिरल-मावानी जेवी एजेंसी द्वारा मजदूरों, तकनीकी स्टाफ तथा मशीनों को लाकर युद्धस्तर पर दिन-रात काम पर लगा दिया गया। गर्डर लॉंच करने तथा पत्थर की खुदाई के लिए पहला ब्लॉक भक्तिनगर साइड की तरफ 11 मई, 2020 को दिया गया। पथरीली जमीन होने की वजह से इस कार्य के लिए बहुत सारी मशीनों की जरूरत पड़ी। 4 पोकलैंड मशीन, 2 क्रैन, 2 जेसीबी मशीन, डंपर, ट्रैलर, ट्रेक्टर्स, ब्रेकर्स, इत्यादि मशिने तथा पर्याप्त मजदूरों व तकनीकी स्टाफ की सहायता से यह कार्य किया गया। गर्डर लौंचिंग के बाद पहला मुख्य आरसीसी बॉक्स (6.6×4.5 मीटर साइज़) की 16.5 मीटर पुशिंग करके फिट करने के लिए कई मशीनों की सहायता से पत्थरों की खुदाई की गयी।

अगले चरण का कार्य करने के लिए दूसरा पूर्ण इंजीन्यरिंग ब्लॉक 23 मई, 2020 को लिया गया जिसमें पहले चरण में लॉंच किए गए गर्डर को डिलॉंच किया गया तथा उसे राजकोट साइड का कार्य करने के लिए फिर से लॉंच किया गया।

राजकोट साइड में पुनः हार्ड रॉक पत्थरों को तोड़ने के लिये तीसरे चरण में 30 मई, 2020 को ब्लॉक लिया गया जिसमें दूसरे आरसीसी मुख्य बॉक्स (9×2.5×4.0 मीटर साइज़) तथा 9 पेड़ेस्ट्रियन बॉक्स (2.5×4.0 मीटर साइज़) को गर्डर की डिलौंचिंग के बाद ठीक तरह से सन्निविष्ट (इन्सर्ट) किया गया।

इस तरह लॉकडाउन के दौरान रेलवे की समूचे इंजीन्यरिंग विभाग तथा कॉनट्रेक्टर M/s मिरल-मावानी जेवी एजेंसी की टीम द्वारा युद्ध स्तर पर बहुत ही कम समय में तीन इंजीन्यरिंग ब्लॉक की सयाहता से कई महीनों में होने वाला कार्य मॉनसून शुरू होने से पहले मात्र 20 दिनों पूरा कर लिया गया। विभिन्न मशीनों की मदद से हार्ड रॉक पत्थरों की खुदाई, गर्डर की लौंचिंग एवं डिलौंचिंग तथा बॉक्स पुशिंग के बाद अच्छे से फिट करने जैसे कठिन कार्य सफलतापूर्वक किए गए जो कि निश्चय ही एक अनूठी उपलब्धि है। इन कार्यों के जल्दी पूरा हो जाने से आम्रपाली फाटक पर अंडर ब्रिज के निर्माण के शेष कार्यों को समय से पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।

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