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पहलीबार ‘गुजरात जिंदाबाद’ और ‘हम फिर वापिस आएंगे’ नारों के साथ 1600 श्रमिक वतन लौटे

पहलीबार ‘गुजरात जिंदाबाद’ और ‘हम फिर वापिस आएंगे’ नारों के साथ 1600 श्रमिक वतन लौटे

 

राजकोट : पिछले कुछ दिनों से वतन लौट रहे श्रमिक गुजरात को गंदी गालियां देते होने के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए है। इसी बीच इन वीडियो को फर्जी साबित करनेवाली हकीकत सामने आई। जिसमें पहलीबार ‘गुजरात जिंदाबाद’ और ‘हम फिर वापिस आएंगे’ नारों के साथ 1642 श्रमिक वतन अपने वतन लौटे थे। श्रमिकों ने केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की रुपाणी सरकार का आभार प्रगट किया था।

 

गुजरात सरकार व राजकोट प्रशासन द्वारा श्रमिकों के लिए खास ट्रेनें दौड़ाई जा रही है। इसी श्रेणी में गुरुवार को उत्तरप्रदेश के लखनऊ के लिए एक ट्रेन रवाना की गई। इस समय श्रमिकों में वतन लौटने की खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। साथ ही लोकडाउन के बावजूद दो महीनों तक अच्छे से रखने के लिए श्रमिको ने अपने मालिको समेत प्रशासन का धन्यवाद किया था। और स्थिति सामान्य होने पर कर्मभूमि गुजरात में वापिस लौटने का वादा भी श्रमिकों ने किया था।

 

राजेश पांडे नामक श्रमिक ने कहा कि, में पड़धरी की एक फैक्टरी में काम करता था। दो महीने से काम नहीं होने के बावजूद मेरे मालिक ने अच्छी तरह देखभाल की। अभी परिवार की चिंता के कारण में वतन लौट रहा हूं। लेकिन ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि, जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाए। और में राजकोट वापिस आ सकू। क्योंकि जो प्यार गुजरात में मिल सकता है, वह और कहीं नहीं है। यात्रा के लिए भोजन और पानी का इंतजाम करने के लिए उसने प्रशासन की प्रशंसा की थी।

दिव्यांग श्रमिक अजयकुमार ने दिल खोलकर गुजरात की प्रशंसा की। और बताया कि, दिव्यांग होने के बाद भी मुजे यहां काम के साथ-साथ प्यार भी मिला। सभी साथी कर्मचारियों ने प्रत्येक जरूरत में मेरी हर संभव मदद की है। यहां तक कि लोकडाउन के बावजूद मेरे वापिस लौटने के लिए प्रशासन ने भी काफी अच्छी व्यवस्था की है। राजकोट को रंगीला कहा जाता है, क्योंकि यहां के लोगों में प्यार और भाईचारे का रंग भरा हुआ है।

बतादे कि, तकरीबन दो हप्तों में राजकोट से एक लाख से ज्यादा श्रमिको को वतन भेजा गया है। जिसमें सब श्रमिको के टिकट के अलावा मास्क, सेनेटाइजर, पानी और फूड पैकेट भी कानुडा मित्र मंडल द्वारा दिया गया है। इतना ही नहीं बच्चो के लिए चॉकलेट और खिलौने भी दिए गए है। तो प्रशासन द्वारा सोशियल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए ट्रेन में बैठने और आराम करने की भी व्यवस्था रखी गई है। इतना ही नहीं ट्रेन में बिठाने से पहले सभी का मेडिकल चेकअप कर जरूरी दवाइयां और सूचनाएं भी रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई है।

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