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गुजरात सरकार ने कहा, लोकल वेंटीलेटर ‘धमन-1’ कारगर

गुजरात सरकार ने कहा, लोकल वेंटीलेटर ‘धमन-1’ कारगर

अहमदाबाद। Coronavirus: स्थानीय स्तर पर निर्मित व कम कीमत वाले वेंटीलेटर ‘धमन-1’ की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद के बीच गुजरात सरकार ने बुधवार को कहा कि यह पूरी तरह कारगर है। मेडिकल डिवाइस रूल्स 2017 के अनुसार वेंटीलेटर को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआइ) से लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं है। पुडुचेरी व महाराष्ट्र सरकार ने ‘धमन-1’ की खरीद में दिलचस्पी दिखाई है, जबकि केंद्र सरकार की एचएलएल लाइफकेयर ने तो 5,000 यूनिट की खरीद के लिए ऑर्डर भी दे दिया है।

स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉ. जयंती रवि ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, ‘कोरोना संक्रमण की महामारी के चलते जब दुनिया के साथ-साथ गुजरात में भी वेंटीलेटर का घोर अभाव था, तब ज्योति सीएनसी ने राज्य सरकार को 866 धमन-1 वेंटीलेटर दान दिए थे।

यह उसी तरह कारगर है जैसे अन्य वेंटीलेटर । इसे इलेक्ट्रॉनिक एंड क्वालिटी डेवलपमेंट सेंटर (ईक्यूडीसी) ने प्रमाणित किया है।’ इससे पहले प्रधान सचिव सोमवार को भी ‘धमन-1’ की गुणवत्ता के बारे में सफाई दे चुकी हैं।

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के पत्र संबंधी सवाल पर प्रधान सचिव ने कहा कि उन्होंने अति गंभीर मरीजों के लिए हाई-एंड वेंटीलेटर की मांग की थी। डॉ. जयंती ने बताया कि पुडुचेरी सरकार ने ‘धमन-1’ की 25 यूनिटों की खरीद का ऑर्डर दिया है और एक निजी खरीदार ने महाराष्ट्र सरकार को दान देने के लिए 25 यूनिट की मांग की है। केंद्र सरकार की एचएलएल लाइफकेयर ने तो धमन-1 की 5,000 यूनिटों की खरीद के लिए ऑर्डर दिया है।

सरकार ने दावा किया कि कंपनी ने ईक्यूडीसी में ‘धमन-1’ का कृत्रिम फेफड़ों पर आठ घंटे तक टेस्ट किया, जिसमें वह सफल रहा। 9 अप्रैल 2020 को सिविल स्पेशल कोविड-19 हॉस्पिटल में लाइव डेमो में सिविल व बीजे मेडिकल हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने जो संशोधन सुझाए थे उनका क्रियान्वयन ‘धमन-1’ में कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि गत दिनों अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल ने सरकार को पत्र लिखकर बताया था कि राजकोट की कंपनी ज्योति सीएनसी के ‘धमन-1’ वेंटीलेटर अपेक्षा के अनुरूप कारगर नहीं साबित हो रहे हैं। इसलिए, उच्च गुणवत्ता वाले वेंटीलेटर प्रदान किए जाएं। इस पर गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावडा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का संबंध ज्योति सीएनसी से जोड़ते हुए आरोप लगाया था कि वह अपने मित्र की कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए कोरोना महामारी के बीच वेंटीलेटर की मार्केटिंग कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 11 फरवरी 2020 को जारी अधिसूचना के तहत 39 वस्तुओं के लिए लाइसेंस की जरूरत बताई गई थी। इनमें वेंटीलेटर शामिल नहीं है।

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