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गुजराती कंपनी ने विशाखापट्टनम भेजा पांचसौ किलो केमिकल, टैंक में डालते ही मंद होगा गेस रिसाव

वापी : गुरुवार को विशाखापट्टनम के एलजी पॉलिमर प्लांट में हुए गैस रिसाव की घटना में करीब दस लोगों की जान चली गई। और पांच हजार से भी ज्यादा लोग गैस के प्रभाव में आकर बीमार हो गए। संकट की इस घड़ी में वापी की के. के. पूंजा एन्ड संस कंपनी आगे आई है। और पांचसौ किलो पीटीबीसी (पैराटेरटियरी बुटिल कैथेकोल) नामक एक केमिकल हवाई मार्ग से विशाखापट्टनम भेजा है। कंपनी का दावा है कि, इस केमिकल को स्टारिंग टैंक में डालने से गैस रिसाव का असर मंद पड़ जाएगा।

कंपनी के पार्टनर संजयभाई के मुताबिक, सुबह साढ़े छह बजे ही उनके पास कलक्टर और एसडीएम के अलावा राज्य सरकार की ओर से भी फोन आया था। और विशाखापट्टनम स्थित कंपनी में हुई गैस दुर्घटना की जानकारी देकर उसे रोकने के लिए 500 किलो पीटीबीसी केमिकल दमण पहुंचाने के लिए कहा गया था। जिसके तहत दोपहर को ही केमिकल दमण में पहुंचाया गया है। शाम तक केमिकल विशाखापट्टनम पहुंच जाएगा। और जिस स्टारिंग टैंक से गैस रिसाव हुआ है उसमें यह केमिकल डालने से पोलिमराइजेशन रुक जाने से स्थिति नियंत्रित हो जाएगी।

गौरतलब है कि, बुधवार देर रात को विशाखापट्टनम में एलजी पॉलिमर्स इंडस्ट्री के केमिकल प्लांट से गैस लीक होने से 2 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी। सुबह करीब 5:30 बजे न्यूट्रिलाइजर्स के इस्तेमाल के बाद हालात काबू किए गए थे। लेकिन तब तक गैस 4 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 5 छोटे गांवों में फैल गई थी। और एहतियात के तौर पर 3 किलोमीटर के दायरे में गांवों को खाली कराना पड़ा है। साथ ही फायर ब्रिगेड की 10-12 गाड़ियां स्टैंड बाय रखी गई है।

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