Breaking NewsGujaratIndia

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के मद्देनज़र सभी यात्री ट्रेनों का परिचालन 3 मई तक रद्द, मालगाड़ियॉं चलती रहेंगी

कोरोना महामारी के कारण अगले 19 दिनों के लिए विस्तारित किये गये लॉकडाउन के मद्देनजर सुरक्षा उपायों को जारी रखने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि भारतीय रेल पर सभी प्रीमियम ट्रेनों, मेल / एक्सप्रेस ट्रेनों, पैसेंजर ट्रेनों और उपनगरीय ट्रेनों सहित सभी यात्री ट्रेनें 3 मई 2020 के 24.00 बजे तक रद्द रहेंगी, मगर अत्यावश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए मालगाड़ियों और पार्सल विशेष ट्रेनों का परिचालन यथावत जारी रहेगा।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री रविन्द्र भाकर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह भी तय किया गया है कि काउंटर या ऑनलाइन के माध्यम से आरक्षित और अनारक्षित दोनों यात्राओं की कोई भी यात्री टिकट बुकिंग अगली सूचना तक उपलब्ध नहीं होगी। रेलवे स्टेशनों और स्टेशन के बाहरी परिसरों में आरक्षित / अनारक्षित यात्रा के लिए रेल यात्रा टिकटों की बुकिंग के लिए काउंटर भी बंद रहेंगे। आरक्षित टिकटों की बुकिंग के लिए ई-टिकटिंग बुकिंग सुविधा भी निलम्बित रहेगी, हालांकि ई-टिकटों को रद्द करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। श्री भाकर ने बताया कि पहले से आरक्षित टिकटों को रद्द करने के लिए पूर्ण किराया वापसी की जाएगी। पीआरएस काउंटर टिकटों को रद्द करने और वापसी की समयावधि यात्रा की तारीख से 3 महीने तक बढ़ा दी गई है। टिकट बुक करने के दौरान अपना मोबाइल नम्बर उपलब्ध कराने वाले यात्रियों के लिए कैंसिलेशन सुविधा 139 पर उपलब्ध है। एक सद्भावना उपाय के रूप में, रेलवे निरस्तीकरण शुल्क भी वापस कर देगी, इसलिए 21 मार्च के बाद के रद्द किये गये पी आर एस काउंटर यात्रा टिकट के लिए यात्रा की तारीख के 3 महीने के भीतर मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक को रिफंड के लिए आवेदन किया जा सकता है, जबकि ई-टिकट के लिए ऑनलाइन वापसी की सुविधा उपलब्ध है। श्री भाकर ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए माल और पार्सल ट्रेनों की आवाजाही यथावत जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे द्वारा टाइम टेबल्ड पार्सल विशेष ट्रेनों की 124 सेवाओं को 31 मार्च से 26 अप्रैल, 2020 के बीच चलाने का निर्णय लिया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों के लिए 14 अप्रैल, 2020 को पश्चिम रेलवे से चार पार्सल विशेष ट्रेनें अपने गंतव्य स्थानों को रवाना हुईं। इनमें से एक ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से ओखा, एक भुज से दादर, एक पोरबंदर से शालीमार और एक मुंबई सेंट्रल से फिरोजपुर के लिए रवाना हुई।

भाकर ने बताया कि 22 मार्च से 14 अप्रैल, 2020 तक लॉकडाउन अवधि के बाद से पश्चिम रेलवे द्वारा मालगाड़ियों के कुल 1331 रेकों का उपयोग 2.86 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है। इस अवधि के दौरान 3042 मालगाड़ियों को अन्य रेलवे के साथ जोड़ा गया, जिनमें 1542 रेलगाड़ियाँ सौंपी गईं और 1500 ट्रेनों को विभिन्न इंटरचेंज पॉइंट पर ले जाया गया। दूध पाउडर, तरल दूध और अन्य सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं जैसे आवश्यक वस्तुओं की मांग के अनुसार आपूर्ति करने के लिए देश के विभिन्न भागों में पार्सल वैन / रेलवे दूध टैंकरों (आरएमटी) के 46 मिलेनियम पार्सल रेक भेजे गए हैं। 13 अप्रैल, 2020 तक पश्चिम रेलवे पर कुल घाटा 398.47 करोड़ रुपये (उपनगरीय + गैर-उपनगरीय को मिलाकर) आंका गया है। इसके बावजूद पश्चिम रेलवे ने अब तक टिकटों के निरस्तीकरण के फलस्वरूप 139.63 करोड़ रु.की किराया वापसी सुनिश्चित की है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस धनवापसी राशि में अकेले मुम्बई डिवीजन ने 65.98 करोड़ रु. के रिफंड का भुगतान किया है। अभी तक 21.89 लाख यात्रियों ने पश्चिम रेलवे पर अपने यात्रा टिकटों को रद्द किया है और तदनुसार अपनी रिफंड राशि प्राप्त की है।

Related posts

PM મોદી તા. 28મીએ પશ્ચિમ બંગાળ અને ઓડિશા જશે, અસરગ્રસ્ત વિસ્તારોનું કરશે હવાઈ નિરીક્ષણ.

Rajkotlive News

CM रुपाणी की मौजूदगी में आयोजित अश्व शो में दो अश्वो ने मचाया तूफान, पुलिसकर्मीयों में भगदड़

Rajkotlive News

तोड़ देंगे, शरीर का कोना-कोना, पर नहीं होने देंगे कोरोना, से फेमस पुलिस जवान बना हीरा कंपनी का एम्बेसेडर

Rajkotlive News

Leave a Comment