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वार्षिक राशिफल ईशवी सन 2020 जनवरी से दिसंबर तक (???? मेष राशि)

वार्षिक राशिफल ईशवी सन 2020 जनवरी से दिसंबर तक (???? मेष राशि)
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मेष राशि (चू-चे-चो-ला-ली-लू-ले-लो-आ)

यह वर्ष आपके लिये उत्साह वर्द्धक व प्रगतिदायक है। इस वर्ष में व्यापक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करनी होगी। विपरीत परिस्थितियां आत्मविश्वास को कमजोर करने का प्रयत्न करेगी। अवसरों की प्रतीक्षा छोड़कर स्वयं के लिये मार्ग निर्मित
करने होंगे। शारीरिक स्वास्थ्य पूर्ण सहयोगी न होकर बाधा भी खड़ी करेगा। धन का प्रवाह वर्षपर्यन्त बना रहेगा। मित्रों बन्धुजनों से विशेष सहयोग की अपेक्षा आपको निराश करेगी। व्यवसाय के मामले में उचित अवसरों की प्राप्ति होने पर भी लाभ उठाना कठिन होगा। स्वपरिश्रम व उत्साह में जो प्राप्त होगा, वही आपको संतोष देगा। पारिवारिक जीवन में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। संतान संबंधी विषय चितित करेंगे। धार्मिक कार्यो में आप भले सक्रिय न हो, किन्तु अपने कुलदेवता का स्मरण आपको सुखदायी होगा। इस वर्ष में व्यर्थ की यात्रायें अधिक होने से धन व समय दोनों की हानि होगी। अजनबी अथवा अज्ञात लोगों से संपर्क या अधिक समीपता आपको धोखा करा सकता है। सोच समझकर मित्रता करना हितकर होगा। पारिवारिक संबंधों, मित्रों व रिश्तेदारों के साथ व्यवहार में अपनेपन का परिचय दें। किसी प्रकार की लापरवाही निष्क्रियता से आपके संबंधो में कजोरी आएगी। मई तक व्यवसाय में विशेष उन्नति के योग है।

मासिक राशिफल
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जनवरी???? मंगल अष्टमस्थ रहने से स्वास्थ्य कष्ट, घरेलु उलझनें तथा बनते कामों में|
अड़चनें रहेंगी। धन का अपव्यय, लाभ में कमी एवं गप्त चिन्ताएं रहेंगी। यद्यपि गुरु की। दृष्टि रहने से मांगलिक कार्यों पर खर्च, धर्म एवं विद्या के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

उपाय???? मकर संक्रान्ति के पुण्यकाल वाले दिन (ता. 15 को) प्रात: तिल-गुड़ से निर्मित मिठाई,1.गर्म वस्त्र तथा नवीन पंचांग का दान ब्राह्मण को करना शुभ रहेगा।

फरवरी???? ता. 7 तक व्यर्थ की भागदौड़ रहे। परन्तु ता. 8 से मंगल भाग्यस्थान तथा गुरु की दृष्टि के कारण गत बिगड़े कार्यों में सुधार तथा स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। धर्म-कर्म में रूझान एवं शुभ कार्यों पर खर्च होगा।

उपाय???? श्रीसुन्दरकाण्ड एवं नारायण सूक्त का पाठ शुभ रहेगा।

मार्च???? ता. 21 तक मिश्रित परिस्थितियों के मध्य खर्च अधिक, घरेलु तनाव भी रहेंगे। सर्विस/व्यवसाय में संघर्षपूर्ण परिस्थितियों का सामना रहे, परन्तु ता. 22 से मंगल उच्च राशिगत (मकर) संचार करने से आकस्मिक धन लाभ के अवसर के साथ-साथ अचानक खर्च भी बढ़ेंगे।

उपाय???? मंगलवार को गऊ माता को गुड़-चना मिश्रित रोटी खिलाना कल्याणप्रद रहेगा।

अप्रैल???? कुछ रुके हुए महत्त्वपूर्ण कार्यों में सफलता प्राप्त हो, उत्साह एवं उद्यम में वृद्धि होगी। धर्म-कर्म की ओर रूचि, परन्तु क्रोध अधिक तथा वृथा भागदौड़ बनी रहेगी। ता. 13 से सूर्य भी उच्चस्थ होकर संचार करने से पराक्रम व पुरुषार्थ से कुछ बिगड़े कार्य बनेंगे।

उपाय???? ता. 13 से वैशाख मास में ‘पाप-प्रशमन स्तोत्र’ रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करना शुभ रहेगा।

मई???? ता. 4 से मंगल कुम्भ (शत्र) राशिगत होने से स्वास्थ्य विकार, शरीर कष्ट तथा आर्थिक परेशानियों का सामना रहे। राहु तृतीयस्थ होने से परिवार में मतभेद व कलह के योग हैं। सन्तान सम्बन्धी कार्यों में विघ्न रहे।

उपाय???? सन्तान एवं आर्थिक की उन्नति के लिए ‘षष्ठी देवी स्तोत्र’ एवं श्रीसूक्त का पाठ करें।

जून???? किसी प्रियजन से मुलाकात परन्तु सन्तान पक्ष से कुछ चिन्ता रहे। मानसिक तनाव व शत्रु वर्ग से परेशानी रहे। व्यर्थ की भागदौड़ भी अधिक रहे। ता. 18 से अनावश्यक खर्च व घरेलु उलझनें अधिक रहेंगी।

उपाय???? श्रीहनुमान चालीसा एवं कवच का पाठ करना कल्याणकारी रहेगा।

जुलाई???? पारिवारिक एवं आर्थिक हालात अनिश्चित रहेंगे। यात्राएं भी रहेंगी। स्वास्थ्य
में खराबी और पारिवारिक चिन्ता रहेगी। धोखा मिलने की सम्भावना रहेगी। सावधानी बरतें। खर्चों की अधिकता से घरेलु उलझनें बढ़ेंगी।

उपाय???? श्रावण महात्म्य का पाठ
करके शिवलिङ्ग पर कच्ची लस्सी तथा बेलपत्र चढ़ाना शुभ होगा।

अगस्त???? ता. 15 तक मंगल द्वादशस्थ होने से पारिवारिक उलझनें तथा आकस्मिक खर्च बढ़ेंगे। अत्यधिक कठिन संघर्ष के बाद भी धन-लाभ कम रहेगा। ता. 10 से मंगल स्वराशिगत (मेष) होने से निर्वाह योग्य धन लाभ के अवसर प्राप्त होते रहेंगे। परन्तु मनोरंजन एवं विलासादि कार्यों पर खर्च अधिक रहेंगे।

उपाय???? उत्तम वर प्राप्ति के लिए
‘श्रीविश्वनाथ मङ्गल स्तोत्र’ एवं शिवपंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करें।

सितम्बर???? मंगल के संचार तथा गुरु की दृष्टि होने से धन लाभ एवं उन्नति के अवसर
प्राप्त होंगे। उच्च प्रतिष्ठित लोगों के साथ सम्पर्क बनेंगे। सांसारिक कार्यों में प्रगति होगी।

उपाय???? ता. 2 से 17 तक पितृपक्ष में दिवंगत पितरों के निमित्त श्राद्ध भोजन अवश्य करवाएं। पित्र तर्पण एवं दान भी करें।

अक्तूबर???? ता. 4 से वक्री मंगल पुनः द्वादश (मीन) भाव में आने से पारिवारिक एवं घरेलु उलझनों के कारण मन अशान्त एवं असन्तुष्ट रहेगा। गुरु की दृष्टि के कारण सन्तान सम्बन्धी किसी बिगड़े कार्य में सुधार एवं कार्यसिद्धि के योग बनेंगे। किन्तु धन का अपव्यय व वृथा भागदौड़ बनी रहेगी।

उपाय???? ता.16 तक पुरुषोत्तम मास महात्म्य तथा ता. 17 से कार्तिक मास महात्म्य का पाठ करें। सम्बजव हो तो कार्तिक स्नान करें।

नवम्बर???? सूर्य की उच्च दृष्टि होने से बिगडे कामों में सुधार होगा। परन्तु राहु द्वितीयस्थ
एवं केतु अष्टमस्थ होने से कुछ आर्थिक समस्याएं एवं शारीरिक कष्ट उभरते रहेंगे। नवम्बर मध्य में क्रोध एवं आवेश से बचना चाहिए।

उपाय???? मंगलवार का विधिपूर्वक बिना नमक का व्रत रखें।

दिसम्बर???? ता. 23 तक मंगल पर शनि की दृष्टि रहने से घरेलु परिस्थितियों के कारण तनाव रहेगा। कार्य-व्यवसाय में उलझनें एवं रुकावटें पैदा होंगी। क्रोध अधिक एवं तनाव
गा। से परिवारिक जनों के साथ मनमुटाव हो।

उपाय-श्रीहनुमान कवच का पाठ भी शुभ रहेगा।

क्रमशः…
अगले लेख में वृष राशि का वार्षिक राशिफल…
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