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टिड्डियों के आक्रमण से 6 हजार हेक्टेयर फसल में नुकसान, 4 दिनों में नष्ट करने का सरकार ने किया दावा

टिड्डियों के आक्रमण से 6 हजार हेक्टेयर फसल में नुकसान, 4 दिनों में नष्ट करने का सरकार ने किया दावा

गांधीनगर : सरकारी आंकड़ों के मुताबिक,टिड्डियों के आक्रमण से छह हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल में नुकसान की आशंका है। कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) पूनमचंद परमार ने बताया कि, टिड्डीयों पर नियंत्रण के लिए युद्धस्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। बनासकांठा के सूईगाम, दांतीवाड़ा, दांता, और वडगाम तहसीलों में केन्द्र व राज्य सरकार की 45 टीमें रात-दिन कार्यरत हैं। ये टीमें कीटनाशकों के छिड़काव में लगी है। अब तक 20 से 25 फीसदी टिड्डियों को नष्ट किया जा चुका है। और अगले चार दिनों में टिड्डियां पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।

बकौल पूनमचंद परमार, राज्य का बनासकांठा जिला टिड्डियों के आक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित है। इस जिले की 11 तहसीलों के 101 गांव में टिड्डियों का आक्रमण हुआ है। टिड्डियों का यह दल पाकिस्तान के थारपारकर और राजस्थान के जालौर से यहां आया है। इनके झुंड का पथ पाकिस्तान की ओर था लेकिन अनुकूल पवन दिशा, नमी और फसलों के पैटर्न में बदलाव के कारण टिड्डियों का दल गुजरात पहुंचा है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के बनासकांठा जिले में टिड्डियों के झुंड ने आतंक मचा रखा है। इससे किसान परेशान हैं वहीं फसलों को भी नुकसान हुआ है।

परमार ने यह दावा किया कि, राज्य सरकार के साथ केन्द्र सरकार की ओर से भी टिड्डियों को नष्ट करने का प्रयास आरंभ किया जा रहा है। टिड्डियों को सुबह सात बजे से 11 बजे के दौरान प्रभावी रूप से नष्ट किया जा सकता है। बनासकांठा की थराद तहसील में टिड्डी 30 से 35 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं। भारत सरकार के टिड्डी नियंत्रण की 19 टीमें काम कर रही हैं। वहीं राज्य सरकार के 25 ट्रैक्टरों के मार्फत माउंटेड स्प्रेयर से कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। केन्द्र ने विशेषज्ञ और अधिकारियों की टीम भेजी है। ज़िसके द्वारा ट्रायल के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।

इधर कृषिमंत्री ने खुद टिड्डियों को नष्ट करने के लिए हो रही कार्रवाई का जायजा लिया। और कहा कि, राज्य सरकार नुकसान का सर्वे कर एसडीआरएफ के नियम के अनुसार किसानों को सहायता राशि देगी। गुजरात में बनासकांठा-कच्छ में भारत सरकार के कई लोकस्ट कंट्रोल कार्यालय कार्यरत किए गए हैं। बनासकांठा के थराद, वाव और राडका सहित अन्य क्षेत्रों में टिड्डीयों के आक्रमण के कारण किसानों की फसल को हुए नुकसान तथा विकट स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने आयोजन शुरू कर दिया है।

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