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हार्टअटैक से बीच रास्ते गिरा युवक, जॉगिंग करने गई नर्स ने माउथ टू माउथ रेस्पिरेशन से किया जान बचाने का प्रयास

हार्टअटैक से बीच रास्ते गिरा युवक, जॉगिंग करने गई नर्स ने माउथ टू माउथ रेस्पिरेशन से किया जान बचाने का प्रयास

राजकोट : आमतौर पर डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा दिया जाता है। लेकिन शहर के रेसकोर्स पर आज इस बात को सच साबित करनेवाला मामला सामने आया। जिसमें हार्टअटैक आने के कारण से एक युवक बीच रास्ते गिर पड़ा था। जिसे देखकर वहां जॉगिंग करने आए डोक्टर ने पम्पिंग शुरु कर दी। और अन्य एक नर्स ने माउथ टू माउथ रेस्पिरेशन देकर उस युवक की जान बचाने का प्रयास किया। बादमें एम्ब्युलेंस द्वारा उसे फौरन अस्पताल भेज दिया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो गई है। लेकिन बिना किसी जान-पहचान के डोक्टर व नर्स द्वारा की गई इस सेवा की लोग जमकर प्रशंसा करने लगे है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है।

वीडियो में स्पष्ट रुपसे देखा जा सकता है कि, युवक बीच रास्ते गिर पड़ा है। और एक डॉक्टर द्वारा पम्पिंग किया जा रहा है। तभी अन्य एक नर्स भी आती है। पहले तो वह भी डोक्टर के साथ पम्पिंग का प्रयास करती है। लेकिन उस प्रयास को नाकाम होता देख कोरोना की भी परवाह किए बिना माउथ टू माउथ रेस्पिरेशन देकर युवक की जान बचाने का प्रयास करती है। वहां मौजूद लोगों के मुताबिक दोनों के इन प्रयासों से युवक की सांस चल पड़ी। और एम्ब्युलेंस द्वारा उसे अस्पताल भी भेज दिया गया था। हालांकि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

संवाददाता के अनुसार मृतक युवक की पहचान गुलाम हुसैन के रुप में हुई है। और उन्हें बचानेवाले डोक्टर अजीतसिंह स्टर्लिंग अस्पताल में फर्ज निभाते होने की जानकारी मिली है। डोक्टर अजीतसिंह ने बताया कि, हमारे प्रयासों के कारण एकबार युवक के पल्स मिल गए थे। लेकिन अस्पताल जाते समय एम्ब्युलेंस में ही उसकी मौत हो गई है। मेरे साथ जो लेडी थी वह नर्स थी। और उन्होंने युवक को बचाने के लिए मुझसे भी ज्यादा अच्छा प्रयास किया था। हालांकि हम इसमें पूरी तरह सफल नहीं हो सके इसका अफसोस है।

नर्स अपेक्षा सुवा के मुताबिक, में रोज की तरह आज भी वॉकिंग करने गई थी। तभी वह अंकल अचानक गिर गए। जिसे देखकर में भी वहां पहुंच गई थी। और सीपीआर देकर उनको बचाने का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगोंने भी हमारी काफी मदद की थी। कोरोना के बारेमें पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि, उनको कोरोना है ऐसा मानकर अगर में उपचार का प्रयास नही करती तो जिंदगीभर मुजे इसका अफसोस होता। इसी कारण मैंने कोरोना को भूलकर उनकी सांसे लौटाने का प्रयास किया था।

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