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गुजरात बॉर्डर से 20 किमी दूर पाकिस्तान में चीन बना रहा एयरपोर्ट ?

गुजरात बॉर्डर से 20 किमी दूर पाकिस्तान में चीन बना रहा एयरपोर्ट ?

अहमदाबाद : गुजरात बॉर्डर से 20 किमी की दूरी पर पाकिस्तान में चीन द्वारा एयरपोर्ट बनाया जा रहा होने की जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, सरहद के पार चीन के मिड एयर रिफ्युलर आईएल- 78 सहित कई फाइटर जेट देखे जा रहे है। पिछले साल दिसंबर में चीन ने अरबी समुद्र में पाकिस्तान की नेवी के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास किया और अब चीन यहां जमीनी स्तर पर तैयारी कर रहा है ।

गुजरात की भुज सरहद के नजदीक चीन ने एयरबेस तैयार किया
गुजरात की समुद्री सरहद पर आर्थिक गतिविधियां होने के चलते इस पर चीन की नजर टिकी हुई है। पिछले 20 सालों से जवाहर शाह, शामगढ़, बिलालीघाट और हारु के अलावा गुजरात की सरहद पर सुई गैस फिल्ड में चीन की कंपनियां सक्रिय हैं। 35 से ज्यादा कंपनियों के 30 हजार से ज्यादा इंजीनियर-विशेषज्ञ यहां काम कर रहे हैं। पश्चिमी सरहद पर तेल और गैस की खोज के लिए ग्वादर बंदर की ओर जाते इकोनॉमिक कॉरिडोर को कनेक्ट करने के लिए भी चीन ने एयरबेस तैयार किया है। उसमे खेरपुर जिले का कादनवाली एयरबेस भी शामिल है, जो गुजरात की भुज सरहद के बिलकुल सामने है। यह बेस अंतरराष्ट्रीय सरहद से 25 से 30 किमी दूर है। इसके अलावा करांची, जेकोकाबाद, क्वेटा, रावलपिंडी, सरगोडा, पेशावर, मेननवाली और रिशालपुर के एयरबेस का भी आधुनिकीकरण किया गया है।

सिंध में मेड इन चाइना इंफ्रास्ट्रक्चर
भारत की पश्चिमी सरहद के नजदीक पाकिस्तान में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है, जो चीन ही बना रहा है। पाकिस्तान की सरहद की चौकियां, वॉच टावर और 500 से ज्यादा बंकर भी चीन ने बनाए हैं। अब इन बंकरों का रखरखाव पाकिस्तान कर रहा है। सरहदी इलाके में बिजली नहीं होने की वजह से चीन ने पाकिस्तान को सोलर लाइट, सीसीटीवी, ड्रोन सहित कई साधन उपलब्ध कराए हैं। पाकिस्तान का मिलिट्री पावर पूरी तरह चीन के हाथों में है, जो पश्चिमी सरहद पर खतरे की घंटी बजा रहा है। मेजर जनरल (रिटायर्ड) शेरसिंह ने बताया- गुजरात सरहद पर दो दशकों से चीन इकोनॉमिक इन्वेस्टमेन्ट के पीछे सक्रिय है। पाकिस्तान में चीन ने तेल, गैस और कोयला खोजा है। इस बहाने पाकिस्तान को मदद कर रहा है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ा रहा है।

पाकिस्तान चीन का सबसे बड़ा शस्त्र खरीददार
पाकिस्तान सेना की 75 प्रतिशत टेंक और 65 प्रतिशत एयरक्राफ्ट चीन में बने हुए हैं। पिछले पांच सालों में पाकिस्तान चीन का सबसे बड़ा शस्त्र खरीददार रहा है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने 69 प्रतिशत शस्त्रों को चीन से ही खरीदा है। पाकिस्तान ने चीनी टेंक और एयरक्राफ्ट ही नहीं, मिसाइल, लड़ाकू विमान, हवा से जमीन पर हमला कर सके ऐसी मिसाइलें, एडवांस ट्रेनिंग एरक्राफ्ट , हेलीकॉप्टर, सहित स्पेस टेक्नोलॉजी भी खरीदी है। पाकिस्तान भी पूरी तरह से चीन पर निर्भर

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